Prayagraj UPPSC Student Protest: छात्रों के प्रर्दशन के आगे झुका यूपीपीएससी, जानिए इसकी वजहें

बीएस राय/ prayagraj: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्रयागराज में प्रदर्शन कर रहे हजारों छात्रों की मांग को आखिरकार मान लिया है। एक दिन पहले ही सीएम योगी ने कहा था कि आयोग छात्रों के साथ बैठकर मामले का जल्द समाधान निकले जिसके बाद यूपीपीएससी के आला अधिकारी सक्रिय हो गए थे। दरअसल छात्रों के इस प्रदर्शन को हथियार बनाकर विपक्ष अपनी राजनीति करने में जुटा था जिसको देखते हुए सरकार इस आंदोलन को ज्यादा लंबा नहीं चलने देना चाहती थी। वहीं यूपी में दस सीटों पर उपचुनाव भी होना है जिसके चलते सरकार को अपने आदेश से पीछे हटना पड़ा है।
दरअसल गुरुवार को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगों पर सहमति जताते हुए यूपीपीएससी के सचिव अशोक कुमार ने कहा कि वह प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) प्रारंभिक परीक्षा एक ही दिन में कराएगा। राज्य परीक्षा निकाय का यह फैसला प्रयागराज में छात्रों द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद आया है, जिन्होंने मांग की थी कि परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाए।
कुमार ने कहा कि , PCS परीक्षा 7 और 8 दिसंबर को दो शिफ्ट में होनी थी। समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (RO-ARO) प्रारंभिक परीक्षा 22 और 23 दिसंबर को तीन शिफ्ट में होनी थी और इसे स्थगित कर दिया गया है। UPPSC द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद RO-ARO परीक्षा की नई तिथि तय करने पर निर्णय लिया जाएगा।
पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के कई मामले सामने आए हैं, जिसमें कुछ संस्थानों की संलिप्तता पाई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए, प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार ने कई शिफ्टों में पांच लाख से अधिक उम्मीदवारों के साथ परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई थी।
इसके तहत, यूपीपीएससी ने दिसंबर में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक 2024 और एआरओ प्रारंभिक 2023 को कई शिफ्टों में आयोजित करने की घोषणा की। पिछले कुछ दिनों में, कुछ छात्रों द्वारा उठाई गई मांग को मुख्यमंत्री ने संज्ञान में लिया। उन्होंने आयोग को छात्रों के साथ संवाद बनाए रखने और निर्णय लेने का निर्देश दिया। आयोग एक ही शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में यूपीपीएससी के अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन पर संज्ञान लिया और यूपीपीएससी से प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद और समन्वय करके आवश्यक निर्णय लेने को कहा। 5 नवंबर को यूपीपीएससी ने घोषणा की थी कि आरओ-एआरओ और पीसीएस परीक्षाएं क्रमश: तीन और दो पालियों में होंगी। अलग-अलग तिथियों पर परीक्षा आयोजित करने के फैसले की व्यापक आलोचना हुई, जबकि अभ्यर्थियों ने तर्क दिया कि इससे अनावश्यक भ्रम और कठिनाई पैदा हुई। विपक्ष ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और यूपीपीएससी की परीक्षा कार्यक्रम को लेकर भाजपा की आलोचना की।
पीसीएस परीक्षा पहले की तरह आयोजित करने की घोषणा से जहां कुछ अभ्यर्थियों को राहत मिली और उन्होंने एक-दूसरे के बीच मिठाइयां बांटी, वहीं आरओ और एआरओ परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लगी। अभ्यर्थी राहुल पांडे ने कहा कि आरओ और एआरओ परीक्षा पर निर्णय होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा, “हम इस घोषणा पर भरोसा नहीं करते क्योंकि इस संबंध में आयोग की वेबसाइट पर कोई आधिकारिक सूचना अपलोड नहीं की गई है।”