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Uttar Pradesh Vidhansabha By poll: यूपी उपचुनाव में सीएम योगी झोंकेगे ताकत, आज से शुरू करेंगे दूसरे चरण का प्रचार

बीएस राय/ Uttar Pradesh Vidhansabha Bypoll: उत्तर प्रदेश में 20 नवंबर को 9 सीटों पर उपचुनाव होना है। चुनावी राज्यों में मैराथन रैलियों के बाद अब सीएम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के उन विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रचार अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे, जहां 20 नवंबर को उपचुनाव होने हैं। जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी अगले दो दिनों में छह सीटों पर प्रचार करेंगे। यह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आदित्यनाथ पर कटाक्ष किए जाने के बीच हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी खोने से डर रहे हैं, इसलिए वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

15 अक्टूबर को नौ सीटों पर विधानसभा उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद सीएम का यह दूसरा चुनावी दौरा होगा। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने पहले उपचुनाव की तारीख 13 नवंबर घोषित की थी, लेकिन बाद में इसे 20 नवंबर तक के लिए टाल दिया था। आदित्यनाथ ने इससे पहले 8 नवंबर से लगातार तीन दिनों तक सभी नौ निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार किया था।

उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले, आदित्यनाथ ने अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट और अंबेडकरनगर की कटेहरी विधानसभा सीट का सीधा प्रभार संभाला था। मिल्कीपुर में चुनाव नहीं हो रहे हैं, लेकिन भाजपा को समाजवादी पार्टी से कटेहरी सीट जीतने की उम्मीद है। 2022 में यह सीट सपा के लालजी वर्मा ने जीती थी, लेकिन अंबेडकरनगर से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी।

हाल के दिनों में आदित्यनाथ का सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निर्वाचन क्षेत्र का यह चौथा दौरा होगा। उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले उन्होंने परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने तथा राज्य सरकार द्वारा आयोजित रोजगार मेलों में भाग लेने के लिए दो बार निर्वाचन क्षेत्र का दौरा किया था। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने 10 नवंबर को पार्टी उम्मीदवार धर्मराज निषाद के लिए प्रचार किया था।

आमतौर पर मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय नेता उपचुनावों में प्रचार करने से बचते हैं, लेकिन लोकसभा चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के मद्देनजर इस बार इन नौ सीटों पर कई अपवाद बनाए गए हैं। समाजवादी पार्टी जहां यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि संसदीय चुनावों के दौरान उसे जो मतदाताओं का समर्थन मिला था, वह अब भी उसके पास है, जिससे वह देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बन गई है, वहीं भाजपा यह साबित करने में जुटी है कि यह गठबंधन महज एक संयोग था।

15 नवंबर को आदित्यनाथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की एक अन्य महत्वपूर्ण सीट मझवां में प्रचार करेंगे, जहां भाजपा की गठबंधन सहयोगी निषाद पार्टी ने जीत दर्ज की थी। लेकिन इस उपचुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी ने इस सीट से अपने ही उम्मीदवार को टिकट दिया है। पार्टी को उम्मीद है कि विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या में यह सीट भी जुड़ जाएगी। कटेहरी की तरह ही यह भी मुख्यमंत्री का पिछले कुछ महीनों में इस सीट पर चौथा और चुनाव अधिसूचना के बाद दूसरा दौरा होगा।

शुक्रवार को आदित्यनाथ, जो अन्य चुनावी राज्यों में भी प्रचार कर रहे हैं, खैर, फूलपुर, गाजियाबाद और सीसामऊ सीटों पर होंगे। जहां वह खैर और फूलपुर में जनसभाओं को संबोधित करेंगे, वहीं शनिवार को गाजियाबाद और सीसामऊ में रोड शो करने वाले हैं। दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने अभी तक केवल मुरादाबाद की कुंदरकी सीट, कानपुर की शीशमऊ और प्रयागराज की फूलपुर सीट पर ही प्रचार किया है। शुक्रवार को वह करहल विधानसभा क्षेत्र में होंगे।