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पर्थ टेस्ट में भारत की शानदार जीत, सीरीज में 1-0 से बढ़त

भारत ने पर्थ में हुए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 295 रन से हराकर 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। जीत के लिए मिले 534 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मेजबान टीम अपनी दूसरी पारी में 238 रन पर ढेर हो गई। इस मैच में जसप्रीत बुमराह प्लेयर ऑफ द मैच बने

@BCCI

सीरीज का दूसरा टेस्ट 6 दिसंबर से होगा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत अपनी पहली पारी में 150 रन पर ढेर हो गई। भारत से नितीश रेड्डी ने सर्वाधिक 41 रन बनाए। जवाब में जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी (5/30) की वजह से मेजबान टीम 104 रन पर सिमट गई।

यशस्वी जायसवाल (161) और विराट कोहली (100) के शतकों से भारत ने दूसरी पारी 487/6 के स्कोर पर घोषित की। अंत में ट्रेविस हेड (89) के संघर्ष के बावजूद ऑस्ट्रेलिया मैच हार गई।

Cricket Australia via Getty Images

बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में उस्मान ख्वाजा (8), नाथन मैकस्वीनी (10), स्टीव स्मिथ (0), एलेक्स कैरी (21) और पैट कमिंस (3) को पवेलियन भेजा। उन्होंने 18 ओवर में 30 रन दिए। यह उनके टेस्ट करियर का 11वां 5 विकेट हॉल है। कंगारू टीम के खिलाफ यह दूसरा मौका है, जब बुमराह ने कम से कम 5 विकेट लेने का कारनामा किया।

अपनी पहली पारी में शून्य पर आउट होने वाले जायसवाल ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 297 गेंदों का सामना करते हुए 161 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का चौथा शतक रहा।

जायसवाल ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अपने पहले टेस्ट में शतक मारने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले सिर्फ सुनील गावस्कर (ब्रिसबेन, 1977) और मोटगनहल्ली जयसिम्हा (ब्रिसबेन, 1968) ही ऐसा कर चुके थे।

मैच के दूसरे दिन के दौरान ही जायसवाल ने बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। वह टेस्ट में एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए थे। उन्होंने न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम का रिकॉर्ड तोड़ा था।

बता दें कि मैकुलम ने साल 2014 में 9 मैच की 16 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 33 छक्के लगाए थे। उनके बल्ले से 72.75 की औसत से 1,164 रन निकले थे। जायसवाल और राहुल (77) ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी (201 रन) करने वाली भारतीय जोड़ी बनी है।

इससे पहले यह रिकॉर्ड सुनील गावस्कर और श्रीकांत के नाम पर दर्ज था। उस सलामी जोड़ी ने 1986 में सिडनी टेस्ट में 191 रन की साझेदारी की थी। अपनी पहली पारी में 26 रन बनाने वाले राहुल ने अपनी दूसरी पारी में 77 रन बनाए।

पहली पारी में 5 रन बनाकर आउट होने वाले कोहली ने अपनी दूसरी पारी में नाबाद 100 रन बनाए। यह उनके टेस्ट करियर का 30वां शतक रहा। इसके साथ-साथ यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोहली के बल्ले से निकलने वाला नौवां टेस्ट शतक है। कोहली का यह ऑस्ट्रेलिया में 7वां टेस्ट शतक है।

वह ऑस्ट्रेलिया में सर्वाधिक शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बने हैं। उन्होंने इस मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ा है, जिन्होंने यहां 6 टेस्ट शतक लगाए थे। कोहली ऑस्ट्रेलिया की धरती पर सर्वाधिक शतक लगाने वाले एशियाई बल्लेबाज भी बन गए हैं।

विश्व के विदेशी बल्लेबाजों में इंग्लैंड के जैक हॉब्स (9) ही ऑस्ट्रेलिया में कोहली से ज्यादा टेस्ट शतक लगा चुके हैं। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल 10 शतक लगाए हैं। यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा शतक हैं।

टेस्ट डेब्यू करने वाले नितीश और हर्षित ने प्रभावित किया। ऑलराउंडर नितीश ने अपनी पहली पारी में 41 और दूसरी पारी में नाबाद 38 रन बनाए। दूसरी तरफ गेंदबाजी में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के दौरान एक विकेट हासिल किया।

हर्षित ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में हेड, नाथन लियोन और मिचेल स्टार्क के विकेट लिए। उन्होंने अपनी तेज गति और उछाल से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया।

पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में टेस्ट प्रारूप में यह ऑस्ट्रेलिया की पहली हार है। इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच से पहले 4 टेस्ट खेले थे और सभी में जीत हासिल की थी। अपनी दूसरी पारी में हेड शतक से चूक गए और 89 रन बनाकर आउट हुए। इस बीच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने 2,000 टेस्ट रन पूरे किए।

हेड ने ऑस्ट्रेलिया में पहला टेस्ट साल 2018 में खेला था। उन्होंने अब तक 28 मुकाबले खेले हैं। इसकी 42 पारियों में 50.55 की उम्दा औसत के साथ 2,022 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 6 शतक और 11 अर्धशतक निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 175 रन रहा है।