Maharashtra News: शपथ ग्रहण से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़, एकनाथ शिंदे ने शपथ ग्रहण समारोह से बनाई दूरी?

बीएस राय : महाराष्ट्र में सीएम पद की रेस के बीच अब नया मोड़ आता दिख रहा है। एक तरफ जहां बीजेपी की तरफ से अभी तक मुख्यमंत्री पद के नाम का ऐलान नहीं किया गया है वहीं दूसरी ओर कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खराब तबीयत का हवाला देते हुए शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बना ली है। बताया जा रहा है कि शिंदे बुखार और थकान से पीड़ित हैं, डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।
हालांकि शिंदे की बीमारी की टाइिमंग को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सतारा में रह रहे शिंदे के नाराज होने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में तेज हैं। गठबंधन में पदों पर आम सहमति नहीं बनने के कारण नई सरकार का गठन अभी भी रुका हुआ है।
महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। बुखार और थकान के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। शिंदे फिलहाल अपने गृहनगर सतारा में हैं। दिल्ली दौरे से लौटने के बाद उन्होंने कुछ समय मुंबई में बिताया और फिर बिना किसी पूर्व सूचना के सतारा के लिए रवाना हो गए। उनके बिगड़ते स्वास्थ्य की खबरों के बीच राजनीतिक गलियारों में उनकी नाराजगी की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
नई सरकार का गठन अभी भी अधर में महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम घोषित हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है। महायुति गठबंधन की अहम बैठक भी नहीं हो पाई। हालांकि अब यह बैठक रविवार को मुंबई में होने की संभावना है। नई सरकार के शपथ ग्रहण के लिए अगले सप्ताह की तारीखें संभावित बताई जा रही हैं।
एकनाथ शिंदे की नाराजगी की खबरें सूत्रों के मुताबिक शिंदे गठबंधन के भीतर अपनी भूमिका से असंतुष्ट हैं। बताया जा रहा है कि शिंदे डिप्टी सीएम के साथ-साथ गृह मंत्रालय का प्रभार भी अपने पास रखना चाहते हैं। लेकिन महायुति के घटक दलों खासकर भाजपा की ओर से इस मांग पर सहमति नहीं बन पा रही है। अमित शाह से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल गुरुवार रात एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
बैठक के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि सरकार गठन पर चर्चा सकारात्मक रही और शुक्रवार को मुंबई में आगे की बातचीत होगी। लेकिन शुक्रवार को महायुति नेताओं की बैठक नहीं हो सकी। भाजपा सूत्रों का कहना है कि महायुति की कोई बैठक पहले से तय नहीं थी। शिंदे के सहयोगी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार (एनसीपी) ने भी अमित शाह से मुलाकात की।
शुक्रवार सुबह मुंबई लौटने के बाद शिंदे शाम को सतारा जिले में अपने पैतृक गांव दरे के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने दक्षिण मुंबई में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में पार्टी नेताओं और विधायकों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री और शाह के फैसले का सम्मान करने का वादा हालांकि शिंदे कई मौकों पर सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री पद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के फैसले का सम्मान करेंगे। लेकिन मौजूदा घटनाक्रम उनकी नाराजगी के संकेत दे रहे हैं, जिसने महाराष्ट्र की राजनीतिक तस्वीर को और
एकनाथ शिंदे की बिगड़ती सेहत और सतारा चले जाने से महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। महायुति में सत्ता संतुलन को लेकर चल रही खींचतान और शिंदे की नाराजगी की अटकलों के चलते नई सरकार के गठन में देरी हो रही है। अब सबकी निगाहें रविवार को संभावित महायुति बैठक और शपथ ग्रहण की तारीख पर टिकी हैं, जिससे यह गतिरोध खत्म हो सकता है।