Education News: शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की कवायद, ‘परख परीक्षा’ की शुचिता को जाँचने के लिए फील्ड में दौड़े अफसर

बीएस राय/ लखनऊ। प्रदेश के 9500 विद्यालयों में चल रही ‘परख परीक्षा’ की शुचिता की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को आकस्मिक निरीक्षण किया। इस परीक्षा में शामिल लगभग 2 लाख 45 हज़ार छात्र-छात्राओं की परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारी दिन भर इसकी परख करने में जुटे रहे।
बता दें कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता को सुनिश्चित करना था, ताकि परीक्षा के परिणाम पर कोई सवाल न उठे। इस परीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बच्चों की उपस्थिति से संबंधित जानकारी एकत्र की और परीक्षा में शामिल सभी छात्रों से प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की शुचिता की जांच की। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य न केवल बच्चों की शैक्षिक उपलब्धि का मूल्यांकन करना था, बल्कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की धांधली या अनियमितताओं को रोकना भी था।
इस परीक्षा में कक्षा 3 के छात्रों से भाषा, गणित और हमारे आस-पास की दुनिया, कक्षा 6 से भाषा, गणित व हमारे आस-पास की दुनिया और कक्षा 9 से भाषा, गणित, समाजिक विज्ञान और विज्ञान विषयों के प्रश्न पूछे गए थे।
आज उत्तर प्रदेश एससीईआरटी के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. पवन सचान ने कानपुर मंडल के कानपुर नगर जिले के चौबेपुर ब्लाक स्थित कंपोजिट विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ विभिन्न शिक्षा अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। डॉ. सचान ने सबसे पहले कंपोजिट विद्यालय प्रथम चौबेपुर का निरीक्षण किया, जहाँ परख परीक्षा विधिवत रूप से चल रही थी। इस विद्यालय में कुल 18 पंजीकृत छात्रों में से सभी 18 छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया। इसके बाद डॉ. सचान ने चौबेपुर द्वितीय स्थित कंपोजिट विद्यालय का दौरा किया, जहाँ 28 पंजीकृत छात्रों में से 25 छात्र परख परीक्षा में उपस्थित पाये गये।
उन्होंने परीक्षा की शुचिता की सराहना की और विद्यालय के ऑब्जर्वर प्रशांत शुक्ला की पीठ थपथपाई। निरीक्षण के दौरान जैन इंटरनेशनल स्कूल कानपुर और एफआई संदीप राठौर की उपस्थिति में परीक्षाएं शुचितापूर्ण तरीके से चल रही थीं। इस अवसर पर एडी बेसिक कानपुर मंडल, राजेश वर्मा, डीआईओएस अरुण कुमार और बीएसए कानपुर नगर, सुरजीत सिंह भी उपस्थित थे।
इसके अलावा लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने भी सरोजिनी नगर के प्राथमिक स्कूल बगियामऊ का दौरा किया और परीक्षा की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने परीक्षा के दौरान उठाए गए कदमों की सराहना की और अधिकारियों को इस कार्य में सतर्क रहने की सलाह दी।
परख सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की एक व्यापक टीम का गठन किया गया था। डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक और मास्टर ट्रेनर्स को पहले ही नामित कर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, जिलों में चयनित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक और फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स को पूरी तत्परता से परीक्षा की प्रक्रिया को सुचारू रूप से सम्पन्न करने के लिए तैनात किया गया था।
एससीईआरटी के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि यह सर्वेक्षण शिक्षा की गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण आकलन है और यह पूरी निष्पक्षता और गोपनीयता के साथ सम्पन्न किया जा रहा है। इसके माध्यम से बच्चों की उपस्थिति और परीक्षा प्रक्रिया पर गहन निगरानी रखी गई है। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार और एनसीईआरटी के तत्वाधान में आयोजित किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश के लगभग 9500 से अधिक विद्यालयों से कक्षा 3, 6 और 9 के छात्रों की परीक्षा ली गई है।