रूस और सीरिया के सम्बन्धों में नई जान फूंकने के लिए दिल्ली में खास आयोजन

दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में गुरुवार को एक विशेष समारोह का आयोजन हुआ. इस कार्यक्रम में पूर्व और मलनकारा मेट्रोपॉलिटन के काथोलिकोस, महामहिम बेसिलियॉस मार्थोमा मैथ्यूज III ने शिरकत की. जिन्हें रूस के प्रतिष्ठित
भारत में रूसी दूतावास ने गुरुवार को एक विशेष समारोह का आयोजन किया, जिसमें पूर्व और मलनकारा मेट्रोपॉलिटन के काथोलिकोस, महामहिम बेसिलियॉस मार्थोमा मैथ्यूज III को रूस के प्रतिष्ठित ‘ऑर्डर ऑफ फ्रेंडशिप’ सम्मान से नवाजा गया. इस कार्यक्रम के जरिए रूस और सीरिया के संबंधों में मधुरता लाने की कोशिश की गई.
रूस के राजदूत का पैगाम
इस समारोह में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने काथोलिकोस के योगदानों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने रूसी और मलनकारा सीरियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च के बीच मजबूत संवाद और दोस्ती को बढ़ावा दिया है. इसके साथ ही, उन्होंने मॉस्को के सेंट्रल क्लीनिकल हॉस्पिटल और केरल के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के बीच सहयोग की शुरुआत करने जैसे मानवीय और चिकित्सा कार्यों में भी अहम भूमिका निभाई है.
दिल्ली डायसिस के मेट्रोपॉलिटन का संबोधन समारोह में मलनकारा ऑर्थोडॉक्स सीरियाई चर्च के दिल्ली डायसिस के मेट्रोपॉलिटन, डॉ. योहानोन मार डेमेट्रियोस ने भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने चर्च के कार्यों और काथोलिकोस के योगदान को सराहा.
इस आयोजन में कई देशों के राजदूत और प्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें बेलारूस के राजदूत मिखाइल कास्को, उज्बेकिस्तान के राजदूत सरदोर रुस्तंबायेव, मिस्र के राजदूत कामेल जायद गालाल, और मंगोलिया के राजदूत गनबोल्ड डंबाजव प्रमुख थे. इसके अलावा, किर्गिस्तान और कजाखस्तान के विदेशी मिशन के प्रतिनिधि, स्थानीय व्यापारिक, सामाजिक और धार्मिक समुदाय के सदस्य, मीडिया, सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोग और रूसी प्रवासी भी समारोह का हिस्सा बने.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली चैंबर कोयर द्वारा प्रस्तुत महान संगीतकार एंटोनियो विवाल्डी का प्रसिद्ध संगीत ‘ग्लोरिया’ था. इस अद्भुत प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.
यह आयोजन रूस और मलनकारा सीरियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम कहा जा सकता है. सीरिया सिविल वॉर से उत्पन्न संकट के बीच जहां रूस ने सीरिया से भागे बशर अल असद को शरण दिया है, वहीं सीरिया के साथ संबंधों को साधने की भरपूर कोशिश जारी है. धार्मिक और मानवीय कार्यों के माध्यम से दोनों देशों के बीच रिश्ते और गहरे होने की उम्मीद है.