National News: 2024 में मारे गए आतंकवादियों में 60 फीसदी पाकिस्तानी ?

बीएस राय: वर्ष 2024 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों का सबसे अधिक खामियाजा पाकिस्तान से आए खूंखार विदेशी आतंकवादियों को भुगतना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों के नवीनतम आकलन के अनुसार, वर्ष 2024 के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए लगभग 60 प्रतिशत आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे।
इनमें से अधिकांश विदेशी आतंकवादी जंगल युद्ध के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित, अच्छी तरह से सुसज्जित और युद्ध में अनुभवी लड़ाके थे। जम्मू क्षेत्र के मैदानी इलाकों में नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कड़ी चौकसी के कारण इन आतंकवादियों को गैर-पारंपरिक घुसपैठ मार्गों से भारतीय सीमा में धकेला गया। इन आतंकवादियों को पाकिस्तानी धरती से संचालित उनके आकाओं के इशारे पर रसद सहायता प्रदान की गई।
इन आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर में सेना के जवानों और नागरिकों पर अच्छी तरह से समन्वित लक्षित हमले किए। इन अभियानों के दौरान 26 सुरक्षाकर्मी और 32 नागरिक भी इसी अवधि में शहीद हुए। 2023 की तुलना में आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए विदेशी आतंकवादियों का प्रतिशत कम हुआ है। 2023 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने 70 प्रतिशत से अधिक विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया।
आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 75 आतंकवादी मारे गए। इनमें से 17 विदेशी आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर घुसपैठ की कोशिशों के दौरान मार गिराया गया और 26 को अंदरूनी इलाकों में मुठभेड़ों में मार गिराया गया।
जम्मू क्षेत्र के छह जिलों जम्मू, उधमपुर, कठुआ, डोडा, पुंछ और राजौरी में अधिकांश विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया गया। कश्मीर घाटी में, सुरक्षा बलों ने बारामुल्ला, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और कुलगाम जैसे जिलों में विदेशी आतंकवादियों को मार गिराया।
बारामुल्ला जिले में नौ मुठभेड़ों में सबसे अधिक 14 आतंकवादी मारे गए। कथित तौर पर ये संख्या जम्मू-कश्मीर में सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की मौजूदगी में उल्लेखनीय गिरावट का संकेत देती है, जिससे इस क्षेत्र में मुख्य रूप से पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय रह गए हैं।