केदारनाथ के चढ़ावे में हुई वृद्धि, जानिए इसकी वजहें : बीएस राय

केदारनाथ मंदिर को चढ़ावे, दान और भक्तों को दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं से होने वाली आय मार्च 2021 से दोगुनी से अधिक हो गई है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने नोएडा स्थित आरटीआई कार्यकर्ता अमित गुप्ता द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दायर किए गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि 2020-21 में यह 22.04 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 52.9 करोड़ रुपये हो गई।

समिति ने वार्षिक ब्यौरा देते हुए कहा कि उत्तराखंड में प्रसिद्ध हिमालयी मंदिर की आय 2020-21 में 22.04 करोड़ रुपये थी, यह कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 2021-22 में घटकर 16.52 करोड़ रुपये रह गई, लेकिन 2022-23 में फिर से बढ़कर 29.67 करोड़ रुपये और 2023-24 में 52.9 करोड़ रुपये हो गई। इस अवधि के दौरान मंदिर की आय में 2.3 गुना वृद्धि हुई।

वर्ष 2021 में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के खुलने में देरी, अनिवार्य निगेटिव आरटी-पीसीआर टेस्ट रिपोर्ट, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर प्रतिदिन सीमा, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियमों के अनुपालन जैसे प्रतिबंधों ने महामारी के दौरान तीर्थयात्रियों की आमद को बुरी तरह प्रभावित किया था।

हालांकि, जैसे ही कोविड मामलों की संख्या में कमी आई और यात्रा मानदंडों में ढील दी गई, अगले वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हुई, जिससे मंदिर की आय में एक बार फिर वृद्धि हुई। मंदिर समिति ने कहा कि यह प्रवृत्ति 2023-24 में भी जारी रहेगी।

मंदिर की आय श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान के साथ-साथ हेलीकॉप्टर सेवाओं से आने वालों को दी जाने वाली प्राथमिकता वाली दर्शन सुविधाओं से होती है, जिसके लिए समिति द्वारा अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है।